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छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। ग्रीष्मकाल के दौरान सूख जाने वाले नदी-नालों के पानी को संरक्षित करने और क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का दायरा बढ़ाने के लिए जल संसाधन विभाग ने एक महत्वपूर्ण कार्ययोजना तैयार की है। इस योजना के तहत जिले में लगभग 12.45 करोड़ रुपये की लागत से 5 नए एनीकटों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इन प्रस्तावों को शामिल करते हुए शासन से राशि आबंटित करने का औपचारिक प्रस्ताव भेज दिया है।
प्रस्तावित इन नए एनीकटों के निर्माण से लगभग छह हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सीधी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है। इस सुविधा के मिलने से न केवल पारंपरिक खरीफ फसल बल्कि रबी सीजन की खेती करने वाले किसानों को भी अभूतपूर्व लाभ मिल सकेगा। उल्लेखनीय है कि जिले में हसदेव बांगो जैसी बड़ी सिंचाई परियोजना पहले से संचालित है, इसके बावजूद जिले के कई ऐसे हिस्से हैं जहां के किसान पर्याप्त सिंचाई सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। इन नए एनीकटों के बन जाने से उन ग्रामीण इलाकों के किसानों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन एनीकटों के निर्माण से भू-जल स्तर (Ground Water Level) में भी सुधार होगा, जिससे आसपास के इलाकों में बोरवेल और जल स्रोतों का जलस्तर भी बेहतर बना रहेगा। गर्मियों के दिनों में मवेशियों के लिए पानी की उपलब्धता और निस्तारी की समस्या से भी लोगों को राहत मिलेगी। जल संसाधन विभाग द्वारा इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है, जिसे लेकर स्थानीय किसानों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।