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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित डब्ल्यूआरएस (WRS) कॉलोनी के मैदान में विजयादशमी का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। इस ऐतिहासिक दशहरा उत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विधि-विधान और पारंपरिक उल्लास के बीच 101 फीट ऊंचे रावण के विशाल पुतले का दहन किया। रावण दहन के तुरंत बाद की गई आकर्षक आतिशबाजी (আতশবাজি) ने उपस्थित हजारों दर्शकों का मन मोह लिया, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रही।
अधर्म पर धर्म और सत्य की विजय का प्रतीक
रावण दहन से पूर्व सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दशहरा का यह महापर्व हमें सत्य की असत्य पर और धर्म की अधर्म पर जीत की याद दिलाता है। आज के ही दिन भगवान श्रीराम ने अत्याचारी और अहंकारी रावण का वध कर मानवता की रक्षा की थी। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी संदेश दिया कि हमें केवल पुतले के रूप में बाहर के रावण को नहीं जलाना चाहिए, बल्कि हमारे भीतर विराजमान रावण रूपी अहंकार, क्रोध और बुराइयों को भी समाप्त करने का संकल्प लेना चाहिए।
दिग्गज नेता और बड़ी संख्या में नागरिक रहे मौजूद
इस भव्य आयोजन में क्षेत्र के कई गणमान्य जनप्रतिनिधि और नेता विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा, नेता हर्षिता पांडेय सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और श्रद्धालु शामिल हुए। सभी ने मिलकर इस सांस्कृतिक पर्व का आनंद लिया और पारंपरिक उल्लास के साथ विजयादशमी का यह पावन त्योहार मनाया।