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रायपुर, 23 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ सरकार प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इसी कड़ी में रायपुर के अटारी स्थित नंदनवन बॉटनिकल गार्डन को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर नए स्वरूप में विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित पुनर्विकास परियोजना पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई उच्च स्तरीय बैठक में नंदनवन पुनर्विकास परियोजना का प्रस्तुतिकरण किया गया। बैठक में नंदनवन पीपीपी समिति ने परियोजना के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस दौरान नंदनवन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और इसे पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने को लेकर चर्चा हुई।
प्रस्तावित योजना के तहत बॉटनिकल गार्डन का पुनर्विकास किया जाएगा। प्राकृतिक संतुलन और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए परिसर को नए सिरे से संवारा जाएगा। पर्यटकों के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचा, स्वच्छ सुविधाएं और बेहतर जन-सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बच्चों और परिवारों के लिए नए आकर्षण और मनोरंजन गतिविधियां भी जोड़ी जाएंगी।
नंदनवन के पुनर्विकास का उद्देश्य प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का बेहतर समन्वय तैयार करना है। परियोजना के पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों के साथ बाहरी पर्यटकों को भी बेहतर अनुभव मिलने की उम्मीद है। बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, वन विभाग, विधि एवं विधायी विभाग, नीति आयोग, वित्त विभाग सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और समिति के सदस्य मौजूद रहे।