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रायपुर: छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद कुल 24 लाख नाम हटाए जाने का मामला सामने आया है। इसके बाद निर्वाचन विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है कि राज्य में कोई भी पात्र मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने से वंचित न रह जाए। इसके लिए निर्वाचन विभाग ने प्रदेश भर के अधिकारियों और कर्मचारियों को मैदान में उतार दिया है तथा विशेष अभियान के तहत सभी की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं।
अभियान को सफल बनाने के लिए विभाग ने प्रदेश के सभी 33 जिला निर्वाचन अधिकारियों, 90 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, 377 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, 2,719 बूथ स्तरीय पर्यवेक्षकों और 27,196 बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की ड्यूटी लगाई है। ये सभी अधिकारी और कर्मचारी पात्र नागरिकों को सूची में नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ फॉर्म भरने में पूरी मदद कर रहे हैं ताकि प्रक्रिया को सुगम बनाया जा सके।
निर्वाचन विभाग के तय कार्यक्रम के अनुसार, इस माह प्रत्येक बुधवार और गुरुवार को सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, युवाओं और नए मतदाताओं की सुविधा के लिए शुक्रवार और शनिवार को चिन्हित स्कूलों और कॉलेजों में भी विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे युवा पीढ़ी आसानी से चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बन सके।
इस विशेष अभियान के दौरान नागरिकों की सुविधा के लिए विभिन्न प्रकार के फॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं। मतदाता सूची में नया नाम जुड़वाने के लिए 'फॉर्म-6' का उपयोग किया जा रहा है। वहीं, यदि किसी मृत या स्थानांतरित व्यक्ति का नाम सूची में है, तो उसे हटाने या उस पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 'फॉर्म-7' की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा, नाम और पते में सुधार या निवास स्थान बदलने जैसे संशोधनों के लिए 'फॉर्म-8' भरा जा रहा है।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची पूरी तरह त्रुटिरहित और पारदर्शी हो। हटाए गए नामों के पीछे के कारणों की समीक्षा करते हुए यह ध्यान रखा जा रहा है कि कोई भी वास्तविक और जीवित मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे। जिला स्तर पर इन शिविरों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि बीएलओ अपनी तय जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें।
राजनीतिक दलों और स्थानीय नागरिकों ने भी निर्वाचन विभाग के इस कदम की सराहना की है। जानकारों का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों में शिविर लगने से पहली बार मतदान करने वाले युवा मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और समय रहते अपनी प्रविष्टियों की जांच करवा लें।