अपनी पसंद की खबर खोजें
रायपुर, 16 अक्टूबर 2026। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव तथा दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने दुर्ग जिला मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में चल रहे विकास कार्यों, शासकीय योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बिजली, पानी, आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए सभी विभागों को पारदर्शिता, समयबद्धता, ईमानदारी और जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के समग्र विकास के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय और टीमवर्क के साथ काम करें, ताकि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
सोनमणि बोरा ने प्रशासनिक कार्यों में आधुनिक तकनीक और उपकरणों का उपयोग बढ़ाने के साथ मानवीय संवेदनाओं और जनहित को सर्वोपरि रखने पर जोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित प्रकरणों का जल्द निराकरण करने और पात्र हितग्राहियों को भूमि पट्टे सहित अन्य जरूरी दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा और बीबीजीआरवाई के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों तथा स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं प्राथमिकता से पूरी करने को कहा।
राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान उन्होंने तहसीलों और ग्राम पंचायतों में नामांतरण, बंटवारा तथा अन्य प्रकरणों का पारदर्शी और त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से एक वर्ष से लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने पर जोर दिया। उन्होंने जिला पंचायत और नगरीय निकायों के बीच समन्वय बढ़ाने के साथ अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए स्टडी-टूर और क्रॉस-लर्निंग विजिट आयोजित करने को भी कहा।
शिक्षा और वन विभाग से जुड़े कार्यों की समीक्षा में स्वामी आत्मानंद मॉडल कॉलेज, बोरी में पौधरोपण तथा तांदुला पार्क में नगर वन और हर्बल गार्डन की स्थापना जैसे नवाचारों की जानकारी दी गई। प्रभारी सचिव ने जिला शिक्षा अधिकारी को पीएमश्री सहित अन्य उत्कृष्ट विद्यालयों में साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, कचरा पेटी और उद्यान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत पात्र गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के दौरान सोनमणि बोरा ने आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें कैशलेस उपचार की सुविधा मिल सके। बैठक में कुष्ठ रोग, सिकलसेल और टीबीमुक्त अभियान के अंतर्गत जारी जांच एवं उपचार कार्यों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने नगर निगम आयुक्तों को रैनबसेरों में सुविधाएं बेहतर बनाने और शहरी प्रधानमंत्री आवास क्षेत्रों में सामुदायिक भवन, बुजुर्गों के बैठने के लिए बेंच, बच्चों के लिए पार्क तथा बेहतर जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही सड़क निर्माण और अधोसंरचना विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई।
नारकोटिक्स नियंत्रण की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने एनडीपीएस के मामलों, मादक पदार्थों की जब्ती और सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों की जानकारी ली। उन्होंने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने, तस्करी नेटवर्क की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि पिछले वर्ष एनडीपीएस के तहत 107 कार्रवाई की गई थी, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 157 हो गई है। गिरफ्तार आरोपियों की संख्या भी 262 से बढ़कर 330 हो गई है। मादक पदार्थों की जब्ती का मूल्य पिछले वर्ष के 1.40 करोड़ रुपये से बढ़कर इस वर्ष 10.88 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। भिलाई-दुर्ग क्षेत्र के कुछ मोहल्लों और कुम्हारी के संवेदनशील इलाकों में अवैध नशा कारोबार पर निगरानी बढ़ाई गई है।
सोनमणि बोरा ने स्कूलों, कॉलेजों और व्यावसायिक संस्थानों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा टोल-फ्री नंबर 1933 का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेंटिंग प्रतियोगिताओं, नुक्कड़ नाटकों और अन्य जनभागीदारी आधारित गतिविधियों के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों और रोकथाम के उपायों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने नशे की गिरफ्त में आए लोगों को उपचार, पुनर्वास और समय पर काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की जरूरत भी बताई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
बैठक में वन मंडलाधिकारी सी.पी. अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, एडीएम विरेन्द्र सिंह, भिलाई नगर निगम की आयुक्त सुरूचि सिंह, दुर्ग नगर निगम की आयुक्त लीना कोसम, रिसाली नगर निगम की आयुक्त मोनिका वर्मा और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।