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Narayanpur Panch-Sarpanch Training Program: छत्तीसगढ़ में 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतिम दिवस नारायणपुर के सिनेमा ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय पंच-सरपंच प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि गांवों के चहुंमुखी विकास और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में पंच और सरपंचों की भूमिका सबसे अहम होती है।
वन मंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे गांवों में जाकर लोगों को विभिन्न योजनाओं के उद्देश्यों और उनके फायदों की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि ग्रामीणों की वास्तविक जरूरतों को समझकर विकास कार्य की प्राथमिकताएं तय करें और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन के साथ मिलकर समन्वय से काम करें। मंत्री कश्यप ने इस बात पर जोर दिया कि केवल जनविश्वास और सक्रिय जनभागीदारी से ही ग्रामीण विकास की योजनाओं के बेहतरीन परिणाम मिल सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान पंचायतों में स्वीकृत निर्माण कार्यों को समय-सीमा के भीतर और प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने स्कूल भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, छात्रावास, सामुदायिक भवन, बालिका शौचालय, मुक्तिधाम, सड़क, पुल-पुलिया और 'महतारी सदन' जैसे जनोपयोगी कार्यों की गुणवत्ता की नियमित निगरानी करने को कहा, ताकि ग्रामीण जनता को जल्द से जल्द बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।
इसके साथ ही, ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के लिए स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात भी कही गई। वन मंत्री ने क्षेत्र की भौगोलिक संभावनाओं को देखते हुए मछली पालन और बतख पालन जैसी गतिविधियों के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, कलेक्टर नम्रता जैन, जिला पंचायत सीईओ चित्रकांत चाली ठाकुर सहित बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।