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Raipur: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में किसानों का आक्रोश सड़क पर साफ देखने को मिल रहा है। भारतीय किसान संघ के बैनर तले हजारों किसानों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर विशाल 'अन्नदाता गर्जना रैली' निकाली। नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर प्रदर्शन के बाद जब ये किसान महानदी भवन मंत्रालय का घेराव करने के लिए आगे बढ़े, तो पुलिस ने रेलवे ब्रिज के पास भारी बैरिकेडिंग करके उन्हें रोक लिया। पुलिस द्वारा रोके जाने से नाराज किसान धरने पर बैठ गए हैं और पिछले एक घंटे से सड़क पर ही प्रदर्शन कर रहे हैं।
किसानों की 10 प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
गौ संरक्षण: गौवंदन योजना लागू हो और 'जी-राम-जी' योजना को सीधे गौ संरक्षण से जोड़ा जाए।
बकाया भुगतान: वर्ष 2022-23 का धान खरीदी का अटका हुआ 1,700 करोड़ रुपये का बकाया तत्काल भुगतान किया जाए।
समर्थन मूल्य: धान की खरीदी ₹3,358 प्रति क्विंटल की दर से हो तथा फल-सब्जी उत्पादकों को भी 'कृषक उन्नति योजना' में शामिल किया जाए।
धान खरीदी अवधि व तौल: धान खरीदी 15 नवंबर से 15 फरवरी तक हो और तौल की सीमा 40 किलो 700 ग्राम तय की जाए।
फसल मुआवजा: हालिया बाढ़ से हुए फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को तत्काल मुआवजा दिया जाए।
टोकन व्यवस्था: किसानों के लिए टोकन व्यवस्था का सरलीकरण हो—बड़े किसानों को 5, लघु को 3 और सीमांत किसानों को 2 टोकन मिलें।
सिंचाई परियोजनाएं: प्रदेश की सभी अधूरी सिंचाई परियोजनाएं जल्द पूरी हों और पैरी हाईडैम को मंजूरी मिले।
खाद की कीमत: निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद और बीज बेचने वाले कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
भूमि अधिग्रहण: उदयपुर डिक्लेरेशन के नियमों के अनुसार ही किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाए।
अन्य फसलों की खरीदी: मक्का और गेहूं की फसल की भी सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाए।