Samachar Cafe
Breaking
🔴 Murder Case Verdict: ससुर को करंट लगाकर मारने वाली बहू और प्रेमी को उम्रकैद, ग्रामीणों के शक और फॉरेंसिक जांच से खुला था सनसनीखेज राज 🔴 CG News: 5000 करोड़ के भुगतान को लेकर छत्तीसगढ़ कांट्रैक्टर्स एसोसिएशन का आर-पार का ऐलान, आज रायपुर में करेंगे अर्धनग्न और कटोरा लेकर प्रदर्शन 🔴 Cyclone Arnab Threat: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान 'अर्णब' को लेकर केंद्र सरकार सतर्क, कैबिनेट सचिव ने की आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा 🔴 Raipur News: रायपुर के 16 हजार छात्रों की 'अपार आईडी' नहीं बनने से भविष्य पर संकट, स्कॉलरशिप और एडमिशन में आएगी भारी दिक्कत 🔴 28 साल पुराने शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाले में EOW का शिकंजा, कोर्ट में 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल 🔴 Housing Board CG: छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड बनेगा प्रदेश के अधोसंरचना विकास का नया इंजन, आवास के साथ सड़क, पुल और शहरी पुनर्विकास में भी निभाएगा अहम भूमिका 🔴 CG Cabinet Decisions: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए 🔴 Gadchiroli Maoist Plot Foiled: छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम, माओवादियों के गुप्त ठिकाने से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद 🔴 Cyber Fraud: महज 6 हजार रुपए के लालच में बेचे बैंक खाते, छह राज्यों में फैले साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा; 4 गिरफ्तार 🔴 Crime News: मोबाइल देखने को लेकर उपजे विवाद में खूनी संघर्ष, बड़े भाई ने डंडे से पीट-पीटकर की सगे छोटे भाई की हत्या 🔴 Murder Case Verdict: ससुर को करंट लगाकर मारने वाली बहू और प्रेमी को उम्रकैद, ग्रामीणों के शक और फॉरेंसिक जांच से खुला था सनसनीखेज राज 🔴 CG News: 5000 करोड़ के भुगतान को लेकर छत्तीसगढ़ कांट्रैक्टर्स एसोसिएशन का आर-पार का ऐलान, आज रायपुर में करेंगे अर्धनग्न और कटोरा लेकर प्रदर्शन 🔴 Cyclone Arnab Threat: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान 'अर्णब' को लेकर केंद्र सरकार सतर्क, कैबिनेट सचिव ने की आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा 🔴 Raipur News: रायपुर के 16 हजार छात्रों की 'अपार आईडी' नहीं बनने से भविष्य पर संकट, स्कॉलरशिप और एडमिशन में आएगी भारी दिक्कत 🔴 28 साल पुराने शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाले में EOW का शिकंजा, कोर्ट में 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल 🔴 Housing Board CG: छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड बनेगा प्रदेश के अधोसंरचना विकास का नया इंजन, आवास के साथ सड़क, पुल और शहरी पुनर्विकास में भी निभाएगा अहम भूमिका 🔴 CG Cabinet Decisions: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए 🔴 Gadchiroli Maoist Plot Foiled: छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम, माओवादियों के गुप्त ठिकाने से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद 🔴 Cyber Fraud: महज 6 हजार रुपए के लालच में बेचे बैंक खाते, छह राज्यों में फैले साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा; 4 गिरफ्तार 🔴 Crime News: मोबाइल देखने को लेकर उपजे विवाद में खूनी संघर्ष, बड़े भाई ने डंडे से पीट-पीटकर की सगे छोटे भाई की हत्या

Search News

अपनी पसंद की खबर खोजें

बड़ी ख़बर छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल राजनीति जनता जनार्दन अपराध देश-विदेश खेल-मनोरंजन अन्य Video
होम छत्तीसगढ़ Bastar Dussehra Concludes: विश्व प्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा का ...
Bastar Dussehra Concludes: विश्व प्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा का हुआ समापन, नम आंखों और गाजे-बाजे के साथ भक्तों ने दी मावली माता की डोली को विदाई
छत्तीसगढ़

Bastar Dussehra Concludes: विश्व प्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा का हुआ समापन, नम आंखों और गाजे-बाजे के साथ भक्तों ने दी मावली माता की डोली को विदाई

Samachar Cafe Desk 27 October 2026
Share :

Bastar Dussehra Concludes: छत्तीसगढ़ की अनूठी आस्था, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा अपनी अंतिम रस्म के साथ संपन्न हो गया है। पूरे 75 दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक पर्व के समापन पर जगदलपुर के गीदम रोड स्थित जिया डेरा मंदिर में मावली माता की डोली विदाई की रस्म पूरी विधि-विधान से अदा की गई। इस दौरान विशेष पूजा-अर्चना, विशाल कलश यात्रा और पारंपरिक गाजे-बाजे के साथ माता की डोली को विदाई दी गई। इस भावुक और ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे, जिनकी आंखें माता की विदाई के वक्त नम हो गईं।

2006 से शुरू हुई डोली विदाई को भव्य रूप देने की परंपरा

बस्तर के राजा अन्नम देव के शासनकाल से ही मावली माता को विदाई देने की यह प्राचीन रस्म निभाई जाती आ रही है। हालांकि, पहले यह रस्म बेहद सादगी के साथ संपन्न होती थी और इसकी जानकारी बहुत कम लोगों को हो पाती थी। लेकिन वर्ष 2006 में तत्कालीन कमिश्नर जीएस मिश्रा ने इस परंपरा को एक भव्य स्वरूप देने की अनूठी पहल की थी। उनका मानना था कि जिस प्रकार मावली माता का बस्तर आगमन बेहद धूमधाम से होता है, उसी भव्यता के साथ उनकी विदाई भी होनी चाहिए। तभी से डोली विदाई को एक बड़े उत्सव के रूप में मनाने की परंपरा लगातार आगे बढ़ रही है।