Samachar Cafe
Breaking
🔴 Vikshit Bharat Yuva Samvad : सीने में आग, मुँह में शक्कर, सिर में बर्फ़ और पैर में चक्कर रखने वाला ही सच्चा युवा: सांसद बृजमोहन अग्रवाल 🔴 Doorstep Jeevan Praman Patra : रायपुर में अब मात्र 70 रुपये में घर बैठे बनेगा जीवन प्रमाण पत्र, डाकिया घर आकर पूरी करेगा डिजिटल प्रक्रिया 🔴 Drunk Driving Accident : नशे में धुत युवकों की तेज रफ्तार स्कोडा कार ने मचाया कहर, भीषण हादसे में बुजुर्ग की मौत; महिला और दो बच्चे गंभीर रूप से घायल 🔴 Pangolin Smuggling Busted : पैंगोलिन तस्करी का बड़ा खुलासा, 14 किलो खाल और शल्क के साथ 6 आरोपी गिरफ्तार 🔴 Food Department Raid : खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, रायपुर में कई मिठाई और बेकरी प्रतिष्ठानों में मारा छापा; 80 किलो ब्रेड और 8 बोरी मैदा जब्त 🔴 Bastar Leaders Security Reduced : बस्तर में कम हुआ खौफ का दौर, मंत्री-दिग्गजों समेत 116 नेताओं की सुरक्षा में कटौती; जानें Z+ और Z सिक्योरिटी में क्या है अंतर 🔴 Chhattisgarh Police Recruitment 2026 : छत्तीसगढ़ पुलिस में 128 पदों पर निकली बस्तर फाइटर्स आरक्षक की भर्ती, 2 नवंबर से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया 🔴 National Unity Day 2026 : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर किया नमन, देश की एकता और अखंडता के लिए उनके योगदान को किया याद 🔴 Voter List Controversy : दुर्ग जिले की मतदाता सूची को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दी चेतावनी, कहा- आपत्तियों का समाधान नहीं हुआ तो... 🔴 Union Ministers Chhattisgarh Visit : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल लाई रंग, विकास योजनाओं को गति देने छत्तीसगढ़ के दौरे पर आएंगे छह केंद्रीय मंत्री 🔴 Vikshit Bharat Yuva Samvad : सीने में आग, मुँह में शक्कर, सिर में बर्फ़ और पैर में चक्कर रखने वाला ही सच्चा युवा: सांसद बृजमोहन अग्रवाल 🔴 Doorstep Jeevan Praman Patra : रायपुर में अब मात्र 70 रुपये में घर बैठे बनेगा जीवन प्रमाण पत्र, डाकिया घर आकर पूरी करेगा डिजिटल प्रक्रिया 🔴 Drunk Driving Accident : नशे में धुत युवकों की तेज रफ्तार स्कोडा कार ने मचाया कहर, भीषण हादसे में बुजुर्ग की मौत; महिला और दो बच्चे गंभीर रूप से घायल 🔴 Pangolin Smuggling Busted : पैंगोलिन तस्करी का बड़ा खुलासा, 14 किलो खाल और शल्क के साथ 6 आरोपी गिरफ्तार 🔴 Food Department Raid : खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, रायपुर में कई मिठाई और बेकरी प्रतिष्ठानों में मारा छापा; 80 किलो ब्रेड और 8 बोरी मैदा जब्त 🔴 Bastar Leaders Security Reduced : बस्तर में कम हुआ खौफ का दौर, मंत्री-दिग्गजों समेत 116 नेताओं की सुरक्षा में कटौती; जानें Z+ और Z सिक्योरिटी में क्या है अंतर 🔴 Chhattisgarh Police Recruitment 2026 : छत्तीसगढ़ पुलिस में 128 पदों पर निकली बस्तर फाइटर्स आरक्षक की भर्ती, 2 नवंबर से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया 🔴 National Unity Day 2026 : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर किया नमन, देश की एकता और अखंडता के लिए उनके योगदान को किया याद 🔴 Voter List Controversy : दुर्ग जिले की मतदाता सूची को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दी चेतावनी, कहा- आपत्तियों का समाधान नहीं हुआ तो... 🔴 Union Ministers Chhattisgarh Visit : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल लाई रंग, विकास योजनाओं को गति देने छत्तीसगढ़ के दौरे पर आएंगे छह केंद्रीय मंत्री

Search News

अपनी पसंद की खबर खोजें

बड़ी ख़बर छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल राजनीति जनता जनार्दन अपराध देश-विदेश खेल-मनोरंजन अन्य Video
होम छत्तीसगढ़ Bastar Leaders Security Reduced : बस्तर में कम हुआ खौफ का दौर, मंत्...
Bastar Leaders Security Reduced : बस्तर में कम हुआ खौफ का दौर, मंत्री-दिग्गजों समेत 116 नेताओं की सुरक्षा में कटौती; जानें Z+ और Z सिक्योरिटी में क्या है अंतर
छत्तीसगढ़

Bastar Leaders Security Reduced : बस्तर में कम हुआ खौफ का दौर, मंत्री-दिग्गजों समेत 116 नेताओं की सुरक्षा में कटौती; जानें Z+ और Z सिक्योरिटी में क्या है अंतर

Samachar Cafe Desk 31 October 2026
Share :

जगदलपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा और रणनीतिक फैसला लिया गया है। क्षेत्र में नक्सलवाद के कमजोर पड़ने और शांति बहाل होने की स्थिति को देखते हुए राज्य शासन ने बस्तर के 116 राजनीतिक नेताओं और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा श्रेणी में कटौती कर दी है। इस फेरबदल के दायरे में सत्ता पक्ष (भाजपा) और विपक्ष (कांग्रेस) दोनों दलों के कई दिग्गज नेता शामिल हैं।

​किन बड़े नेताओं की घटी सुरक्षा?

गृह विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा और कांग्रेस के 9 प्रमुख नेताओं की Z+ सुरक्षा को घटाकर Z श्रेणी कर दिया गया है। इसके अलावा बस्तर के सांसदों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों की सुरक्षा का भी नए सिरे से आकलन किया गया है। सुरक्षा में कटौती के दायरे में आने वाले प्रमुख नामों में शामिल हैं:

  • ​केदार कश्यप (कैबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन)

 

  • ​दीपक बैज (कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद)

 

  • ​कवासी लखमा (पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता)

 

  • ​महेश गागड़ा (पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता)

 

​इसके अलावा Z श्रेणी वालों को Y+ और Y+ श्रेणी वालों को Y सुरक्षा में स्थानांतरित किया गया है। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा का यह निर्णय पिछले छह महीनों की उच्चस्तरीय समीक्षा के बाद लिया गया है, और आगामी समय में भी परिस्थितियों के अनुसार इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।

​Z+ और Z सिक्योरिटी में कितना होता है अंतर?

सुरक्षा श्रेणियों में बदलाव के बाद यह जानना महत्वपूर्ण है कि Z+ और Z सुरक्षा व्यवस्था में बुनियादी तौर पर क्या अंतर होता है और कितने जवानों का सुरक्षा घेरा मिलता है:

  • ​Z+ श्रेणी (सर्वोच्च सुरक्षा स्तर): यह देश और राज्य की सबसे मजबूत सुरक्षा श्रेणियों में से एक है। इसमें सामान्य तौर पर करीब 55 या उससे अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। इसमें कमांडो (NSG या CRPF), सशस्त्र पुलिस बल के जवान, मल्टी-लेयर (बहु-स्तरीय) सुरक्षा घेरा, एडवांस कम्युनिकेशन गैजेट्स और बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा शामिल होती है।

 

  • ​Z श्रेणी (सुरक्षा का अगला स्तर): इस श्रेणी में सुरक्षा घेरा अपेक्षाकृत छोटा होता है। इसमें सामान्य तौर पर लगभग 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। इसमें कुछ कमांडो, स्थानीय पुलिस या पैरामिलिट्री फोर्स के जवान और एक एस्कॉर्ट वाहन शामिल होता है।

 

​बदली परिस्थितियों में पुलिस संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल

एक दौर था जब बस्तर में झीरम घाटी कांड (महेंद्र कर्मा की शहादत) और भीमा मंडावी जैसे जनप्रतिनिधियों पर हुए हमलों ने पूरे राजनीतिक गलियारे को दहला दिया था। उस दौर में जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम अनिवार्य थे। हालांकि, अब सशस्त्र नक्सलवाद के दायरे में आई भारी कमी और क्षेत्र में शांति लौटने के बाद शासन ने सुरक्षा में लगे हजारों जवानों को मुक्त कर उन्हें अन्य पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों में लगाने का निर्णय लिया है।