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रायपुर। विश्व पर्यटन दिवस 2026 के अवसर पर बस्तर ने छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र में एक और उपलब्धि दर्ज की है। कांगेर घाटी क्षेत्र के ग्राम धूड़मारास स्थित धुरवा डेरा होम स्टे को राज्य स्तर पर ‘बेस्ट होमस्टे’ के सम्मान से नवाजा गया है। यह उपलब्धि क्षेत्र के ग्रामीण आतिथ्य, स्थानीय संस्कृति और सतत पर्यटन के प्रयासों को पहचान मिलने के रूप में देखी जा रही है।
धुरवा डेरा होम स्टे बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता के बीच पर्यटकों को स्थानीय जीवन और जनजातीय संस्कृति से जुड़ने का अवसर देता है। यहां ठहरने वाले पर्यटकों को ग्रामीण परिवेश और स्थानीय परंपराओं को करीब से जानने का अनुभव मिलता है।
कांगेर घाटी में पर्यटन को बढ़ावा
धूड़मारास कांगेर घाटी क्षेत्र का हिस्सा है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता के लिए जाना जाता है। ऐसे क्षेत्रों में होमस्टे मॉडल के जरिए स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाने और पर्यटकों को पारंपरिक जीवनशैली से परिचित कराने पर जोर दिया जा रहा है।
स्थानीय संस्कृति और ग्रामीण आतिथ्य की पहचान
धुरवा डेरा को मिला यह सम्मान बस्तर की जनजातीय संस्कृति, ग्रामीण आतिथ्य और प्रकृति आधारित पर्यटन को सामने लाने वाला कदम है। होमस्टे के माध्यम से स्थानीय लोगों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने और क्षेत्र में रोजगार व आय के अवसर विकसित करने की दिशा में भी संभावनाएं बढ़ती हैं।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर मिली इस उपलब्धि से धूड़मारास और कांगेर घाटी क्षेत्र की पर्यटन पहचान को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।