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रायपुर, 27 सितंबर 2026। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक व्यू रिसॉर्ट में ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना तथा पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटलियर्स, होम-स्टे संचालकों और विदेशी टूर एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पर्यटन कारोबारियों के बीच बीटूबी बैठक में नए टूर पैकेज, व्यावसायिक साझेदारी और प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
पर्यटन से रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बस्तर की जनजातीय संस्कृति, सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, चित्रकोट-तीरथगढ़ जलप्रपात, सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत, राजिम, भोरमदेव और बारनवापारा जैसे विविध पर्यटन स्थल मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, कारीगरों और कलाकारों के लिए बाजार तथा ग्रामीण एवं जनजातीय समुदायों के लिए आजीविका के अवसर बढ़ाना भी है।
मंत्री ने कहा कि ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस’ के जरिए प्रदेश के पर्यटन कारोबारियों को देश-विदेश के बाजार से जुड़ने, नए पैकेज तैयार करने और व्यावसायिक साझेदारी विकसित करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने रायपुर की निर्माणाधीन फिल्म सिटी, भोरमदेव कॉरिडोर और जशपुर के मयाली क्षेत्र की पर्यटन परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।
400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां पर्यटन मंडल से जुड़ीं
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य पर्यटन कारोबार से जुड़े विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाकर व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि दिल्ली, भुवनेश्वर, पुणे और चेन्नई सहित विभिन्न शहरों में रोड शो और पर्यटन आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं का प्रचार किया गया है।
इन प्रयासों के बाद 400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से जुड़ चुकी हैं। उन्होंने ट्रैवल एजेंट्स और टूर ऑपरेटर्स से प्रदेश के पर्यटन स्थलों को अपने टूर पैकेज में शामिल करने की अपील की।
डिजिटल तकनीक और AI से पर्यटन को नई दिशा
पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने पर्यटन क्षेत्र में डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल पर्यटन स्थलों की जानकारी, प्रचार-प्रसार, कंटेंट निर्माण, पर्यटक अनुभव और पहुंच बढ़ाने में किया जा सकता है।
प्रस्तुतीकरण में चित्रकोट, तीरथगढ़, कुटुमसर-कैलाश-दंडक गुफाएं, मैनपाट, जशपुर, बस्तर दशहरा, सिरपुर, भोरमदेव, ढोलकल गणेश, नारायणपाल और मल्हार जैसे पर्यटन स्थलों की संभावनाओं को सामने रखा गया।
बताया गया कि होम-स्टे के लिए 82 लाभार्थियों के 280 से अधिक कमरों की पहचान की गई है। डिजिटल रिजर्वेशन के लिए पर्यटन मंडल की वेबसाइट और मोबाइल ऐप तथा निवेशक बैठकों और रोड शो के जरिए बाजार पहुंच बढ़ाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से नई संभावनाएं
पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि पर्यटन को रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ने की जरूरत है। स्थानीय समुदायों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर आय के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया के जरिए छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों के प्रचार पर भी जोर दिया।
छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष जसप्रीत भाटिया ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से इस क्षेत्र को नई दिशा मिली है। उन्होंने पर्यटन विकास के लिए शासन, विभाग और निजी क्षेत्र के हितधारकों के बीच समन्वय को जरूरी बताया।
पर्यटन हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार
कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को बेस्ट टूरिज्म डिस्ट्रिक्ट प्रमोशन अवार्ड, तक्षक भोरमदेव को बेस्ट इको टूरिज्म साइट, एम्बिशन जगदलपुर को बेस्ट होटल और डी. रमेश कैंप वन्स को बेस्ट टूर ऑपरेटर अवार्ड मिला।
इसके अलावा हेरिटेज वाला के शिवम त्रिवेदी को बेस्ट टूरिज्म स्टार्टअप, ट्रिपी हिल्स जशपुर के सौरभ सिंह को बेस्ट एडवेंचर टूर ऑपरेटर और धुरवा डेरा के मानसिंह को बेस्ट होम-स्टे अवार्ड दिया गया। अनुपम सिन्हा को बेस्ट इन्फ्लुएंसर तथा डोंगरगढ़ और इको हरेली रिसॉर्ट, बारनवापारा की टीमों को संबंधित श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
पुरस्कारों के तहत ₹11,000 की राशि का चेक, मोमेंटो और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के पुरातात्विक स्थलों पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया।