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रायपुर, 27 सितंबर 2026। राजधानी रायपुर के VIP रोड स्थित निरंजन धर्मशाला में अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। उन्होंने अशोक सिंघल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और समाज, संस्कृति तथा राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अशोक सिंघल का जीवन समाज को संगठित करने, सनातन संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय स्वाभिमान को मजबूत करने के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि सिंघल ने समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और भारतीय संस्कृति एवं जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लंबे समय तक कार्य किया।
राम मंदिर निर्माण के लिए समाज को एकजुट करने में योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण की आकांक्षा को व्यापक जनभावना से जोड़ने और समाज को इसके लिए संगठित करने में अशोक सिंघल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण अनेक पीढ़ियों के संघर्ष, त्याग और समर्पण से जुड़ी यात्रा का परिणाम है, जिसमें सिंघल का योगदान भी महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देखा जाता है।
छत्तीसगढ़ और भगवान श्रीराम का आत्मीय संबंध
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से गहरा धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को माता कौशल्या की भूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल बताते हुए कहा कि वनवास काल से जुड़ी अनेक मान्यताएं और धार्मिक स्थल प्रदेश की सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा हैं। शिवरीनारायण सहित कई स्थान रामायणकालीन स्मृतियों और जनआस्था से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने बताया कि अयोध्या में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर छत्तीसगढ़ से 11 ट्रक सुगंधित चावल अयोध्या भेजे गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की आस्था को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने श्री रामलला दर्शन योजना शुरू की है। उनके अनुसार, अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
तीन दिवसीय समारोह का छत्तीसगढ़ से शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि अशोक सिंघल का जन्म शताब्दी वर्ष उनके व्यक्तित्व और कार्यों को याद करने के साथ नई पीढ़ी को उनके जीवन से परिचित कराने का अवसर है। उन्होंने कहा कि उनके जीवन से संगठन, संकल्प और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम में संत परमात्मानंद महाराज, संत युधिष्ठिर लाल, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित संतगण, देश-विदेश से आए पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।