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रायपुर। छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार देने की तैयारी की जा रही है। इसी के तहत राज्य सरकार ने नए ईवी चार्जिंग एवं सर्विस सेंटर स्थापित करने के लिए सड़क की न्यूनतम चौड़ाई समेत कई मानक तय किए हैं। नए नियमों का उद्देश्य चार्जिंग सुविधाओं के साथ यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाए रखना है।
चार्जिंग सेंटर के लिए 30 मीटर का राइट ऑफ वे जरूरी
आवास एवं पर्यावरण विभाग के प्रावधानों के अनुसार, जिस सड़क से ईवी चार्जिंग एवं सर्विस सेंटर में प्रवेश होगा, उसका राइट ऑफ वे कम से कम 30 मीटर होना जरूरी होगा। इसका मतलब है कि 12, 18 या 24 मीटर चौड़ी सड़कों पर ऐसे सेंटर स्थापित करने के लिए भूमि विकास की अनुमति को लेकर नियम लागू होंगे।
हाईवे पर चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार
सरकार की योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रमुख मार्गों और हाईवे पर चार्जिंग सुविधाओं का नेटवर्क विकसित किया जाना है। सामान्य इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लगभग हर 25 किलोमीटर पर सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था का प्रावधान रखा गया है।
वहीं, भारी इलेक्ट्रिक वाहनों को ध्यान में रखते हुए चार्जिंग स्टेशन के बीच अधिकतम दूरी 100 किलोमीटर रखने का नियम प्रस्तावित किया गया है। इससे लंबी दूरी तय करने वाले इलेक्ट्रिक बसों और भारी वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
जमीन और सड़क की चौड़ाई बनी बड़ी चुनौती
नए नियमों के चलते चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए उपयुक्त जमीन और पर्याप्त चौड़ाई वाली सड़क का उपलब्ध होना महत्वपूर्ण होगा। खासकर शहरी क्षेत्रों में जहां कई प्रमुख सड़कें 30 मीटर से कम चौड़ी हैं, वहां नए ईवी चार्जिंग एवं सर्विस सेंटर की स्थापना में जमीन और पहुंच मार्ग से जुड़े नियम चुनौती बन सकते हैं।
सरकार की ओर से तय किए जा रहे ये प्रावधान राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग नेटवर्क विकसित करने के साथ सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे हैं।