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राजनांदगांव। अपना घर बनाने का सपना हर व्यक्ति के लिए खास होता है, लेकिन साइबर ठगी ने राजनांदगांव की एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के इस सपने को बड़ा झटका दिया। 52 वर्षीय सुनीता निषाद ने मकान निर्माण के लिए अपनी पुश्तैनी 75 डिसमिल जमीन बेचकर 3.12 लाख रुपये जुटाए थे। रकम बैंक खाते में जमा करने के बाद उन्होंने घर का निर्माण भी शुरू कर दिया था, लेकिन साइबर ठगों ने कुछ ही दिनों में उनके खाते की पूरी रकम निकाल ली।
APK फाइल के जरिए मोबाइल का लिया एक्सेस
जानकारी के अनुसार, साइबर ठगों ने एक APK फाइल के जरिए सुनीता निषाद के मोबाइल का एक्सेस हासिल किया। इसके बाद उनके बैंक खाते में जमा रकम पर ठगों ने हाथ साफ कर दिया। जमीन बेचकर जुटाई गई पूरी 3.12 लाख रुपये की राशि खाते से निकल गई और अंत में बैंक खाते में महज ₹1.75 बचा।
घर बनाने का सपना हुआ प्रभावित
सुनीता निषाद ने अपनी पुश्तैनी जमीन बेचकर यह रकम मकान निर्माण के लिए जुटाई थी। बैंक खाते में पैसे जमा होने के बाद उन्होंने अपने सपनों का घर बनाना शुरू किया था। साइबर ठगी के बाद खाते से रकम गायब होने के कारण उनके सामने मकान निर्माण को लेकर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
यह घटना मोबाइल पर अनजान APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल करने के खतरे को भी सामने लाती है। किसी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध स्रोत से प्राप्त फाइल को मोबाइल में इंस्टॉल करने से पहले पूरी सावधानी बरतना जरूरी है।