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रायपुर, 27 सितंबर 2026। राजधानी में आयोजित छत्तीसगढ़ नेक्स्ट यूथ कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इस दौरान साहित्यिक वार्षिकी-2026 का विमोचन भी किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का युवा प्रतिभा, मेहनत और संभावनाओं से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि युवाओं की नई सोच, ऊर्जा और रचनात्मकता प्रदेश के भविष्य की बड़ी ताकत है। युवाओं को अपनी बात स्पष्ट, सच्चाई और साहस के साथ रखनी चाहिए तथा अपने विचारों और कार्यों के जरिए सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए।
नवाचार और युवा प्रतिभा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज युवाओं के सामने अवसरों का व्यापक संसार मौजूद है। स्टार्टअप, विज्ञान, तकनीक, खेल, कला और संस्कृति समेत विभिन्न क्षेत्रों में युवा अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा भी अपनी प्रतिभा और परिश्रम के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए पर्यावरण संरक्षण, पोषण और जनभागीदारी से जुड़े प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान का जिक्र करते हुए मुनगा को स्थानीय पोषण स्रोत बताया और जनभागीदारी से इसे घर-घर तक पहुंचाने की बात कही।
प्रकृति और संस्कृति को बताया छत्तीसगढ़ की पहचान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विविधता प्रदेश की विशिष्ट पहचान है। जंगल, पहाड़, जलप्रपात, गांवों का जीवन और लोक परंपराएं यहां की समृद्ध विरासत का हिस्सा हैं। उन्होंने मधेश्वर पहाड़ सहित प्रदेश के विभिन्न प्राकृतिक स्थलों में पर्यटन की संभावनाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को आधुनिकता के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी भाषा, बोलियों, लोककला, लोकगीत और सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़े रहना चाहिए।
संघर्ष से मिली सीख युवाओं से साझा की
मुख्यमंत्री ने अपने जीवन के संघर्षों का उल्लेख करते हुए बताया कि कम उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां उनके कंधों पर आ गई थीं। उन्होंने खेती-बाड़ी के साथ परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं और छोटे भाइयों की शिक्षा के लिए प्रयास किया। उन्होंने युवाओं से कहा कि कठिन परिस्थितियों से घबराने के बजाय धैर्य, मेहनत और संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम में कलाकार पीयूष मिश्रा ने छत्तीसगढ़ की कला एवं संस्कृति की सराहना की। उन्होंने पंडवानी कलाकार पद्म विभूषण स्वर्गीय तीजन बाई के योगदान को याद किया और कहा कि उन्होंने पंडवानी को देश-दुनिया में पहचान दिलाई। कार्यक्रम में उन्होंने ‘आरंभ है प्रचंड’ गीत की प्रस्तुति भी दी।
मुख्यमंत्री ने कॉन्क्लेव में सम्मानित युवा प्रतिभाओं को बधाई दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार कृष्णा दास, विशेष सचिव रजत बंसल सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।