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रायपुर, 3 अक्टूबर 2026। राजनांदगांव-खैरागढ़ मुख्य मार्ग के नवीनीकरण एवं उन्नयन कार्य और राजनांदगांव-मोहला-मानपुर सड़क परियोजनाओं में कथित गुणवत्ताहीन निर्माण एवं भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच के लिए लोक निर्माण विभाग ने चार वरिष्ठ अधिकारियों की समिति गठित की है। समिति निर्माण कार्यों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर तीन दिनों के भीतर प्रमुख अभियंता को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
जांच समिति में मुख्य अभियंता व्ही.एस. कोरम, अधीक्षण अभियंता राजीव नशीने तथा कार्यपालन अभियंता प्रभात सक्सेना और सी.एस. ओगरे को शामिल किया गया है। समिति को शिकायत में उठाए गए बिंदुओं की तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी दी गई है।
सड़क निर्माण के तकनीकी मानकों की होगी जांच
समिति राजनांदगांव-खैरागढ़ और राजनांदगांव-मोहला-मानपुर सड़क परियोजनाओं की किसी स्वतंत्र संस्था से उच्च स्तरीय जांच कराने के संबंध में भी परीक्षण करेगी। इसके साथ ही जीएसबी (GSB), डब्ल्यूएमएम (WMM), सब-ग्रेड, डामरीकरण, बिटुमिन की मात्रा, सड़क की मोटाई, घनत्व, ग्रेडेशन, लेवल और अंडुलेशन समेत निर्माण से जुड़े तकनीकी मानकों की प्रयोगशाला जांच के बिंदुओं को भी देखा जाएगा।
जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसी की भूमिका भी जांच के दायरे में
समिति निर्माण कार्य की गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित कार्यपालन एजेंसी की भूमिका की भी जांच करेगी। जांच पूरी होने तक संबंधित कार्यों के भुगतान पर रोक लगाने की आवश्यकता पर भी समिति अपनी रिपोर्ट में विचार प्रस्तुत करेगी।
यदि जांच में गुणवत्ता से समझौता, वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
उखड़ी सड़क वाले स्थानों पर सुरक्षित आवागमन पर जोर
जांच समिति को डोंगरगांव-कुमरदा सहित उन स्थानों पर भी रिपोर्ट देने के निर्देश हैं, जहां सड़क को उखाड़कर छोड़ दिया गया है। ऐसे स्थानों पर तत्काल सुरक्षित आवागमन के लिए आवश्यक मरम्मत, चेतावनी संकेत और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के संबंध में भी समिति अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।