अपनी पसंद की खबर खोजें
रायपुर, 3 अक्टूबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शनिवार को रायगढ़ के सिन्दूर पार्क में ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें नशामुक्त भारत अभियान के साथ दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण किया गया। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने 350 दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार करीब 60 लाख रुपये की लागत के विभिन्न सहायक उपकरण प्रदान किए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों के जीवन को आसान बनाना ही सेवा का वास्तविक उद्देश्य है। कार्यक्रम में युवाओं से नशे और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा कौशल, स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया गया।
सिन्दूर पार्क में बनेगा स्थायी भव्य मंच
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सिन्दूर पार्क में स्थायी एवं भव्य मंच निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पार्क में उपयुक्त स्थान का चयन कर ऐसा मंच विकसित किया जाए, जिसका उपयोग विभिन्न आयोजनों के लिए किया जा सके। इससे बार-बार अस्थायी मंच और टेंट लगाने की जरूरत नहीं होगी तथा नागरिकों को कार्यक्रम आयोजित करने के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी।
सहायक उपकरण आत्मनिर्भरता का माध्यम
वित्त मंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों को जरूरत के अनुरूप सहायक उपकरण देना केवल सामग्री का वितरण नहीं, बल्कि उनके दैनिक जीवन को सुविधाजनक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग है। ट्रायसायकल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र और ब्रेल किट जैसे उपकरण आवागमन, शिक्षा और रोजमर्रा के कामों में सहायता करेंगे। उन्होंने उपकरण प्राप्त करने वाले हितग्राहियों को शुभकामनाएं दीं और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार जताया।
उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। सेवा का वास्तविक अर्थ जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचना, उसकी आवश्यकता को समझना और जरूरी सहयोग उपलब्ध कराना है।
युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील
कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता को लगातार समाज के बीच ले जाने की जरूरत है। युवाओं को अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल, कौशल विकास और रचनात्मक गतिविधियों में लगानी चाहिए। परिवार और समाज की भी जिम्मेदारी है कि नशे की ओर बढ़ रहे युवाओं को समय रहते सही दिशा दी जाए।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लेते हुए ‘नशा सब कुछ नाश कर देता है। स्वस्थ एवं समृद्ध जीवन हेतु नशामुक्ति अपनाएं’ का संदेश दिया। उपस्थित लोगों ने नशामुक्त भारत की शपथ भी ली। नशा छोड़कर सामान्य जीवन की दिशा में आगे बढ़ रहे प्रदीप पुरी गोस्वामी और गुरु चरण मिश्रा को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मोबाइल और सोशल मीडिया का संतुलित इस्तेमाल जरूरी
वित्त मंत्री ने युवाओं से मोबाइल और सोशल मीडिया का संतुलित उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मोबाइल ज्ञान, जरूरी काम और संवाद का उपयोगी माध्यम है, लेकिन इसका अत्यधिक इस्तेमाल आदत में बदल सकता है। युवाओं को सोशल मीडिया और रील्स पर जरूरत से ज्यादा समय देने के बजाय पढ़ाई, खेल, कौशल विकास और रचनात्मक गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लगातार मोबाइल देखने से एकाग्रता, नींद, आंखों और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
स्वस्थ जीवनशैली के साथ स्वरोजगार पर जोर
वित्त मंत्री ने युवाओं से फास्ट फूड के अत्यधिक सेवन से बचने, पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता देने और नियमित योग-व्यायाम के साथ व्यवस्थित दिनचर्या अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार स्वरोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता में भी आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा कि कौशल और नई तकनीक की जानकारी हासिल कर युवा स्वयं रोजगार प्राप्त करने के साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं। उन्होंने रायगढ़ में युवाओं के लिए उपलब्ध प्रयास विद्यालय, हॉर्टिकल्चर कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज, नेचुरोपैथी कॉलेज, नव गुरुकुल और नालंदा परिसर का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ट्रिपल आईटी के सहयोग से रायगढ़ के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
नशामुक्ति की जागरूकता घर-घर तक पहुंचाने पर जोर
राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराना और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूक करना जनसेवा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य हैं। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ प्रयासों को केवल कार्यक्रमों तक सीमित न रखकर घर-घर तक पहुंचाने की जरूरत है। परिवार, समाज और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से बेहतर वातावरण तैयार किया जा सकता है।
नगर निगम रायगढ़ के महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि नशे का असर व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ उसकी आर्थिक स्थिति और सामाजिक जीवन पर भी पड़ता है। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने और परिवारों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
350 दिव्यांगजनों को मिले विभिन्न सहायक उपकरण
कार्यक्रम में 350 दिव्यांगजनों को जरूरत के अनुसार मोटराइज्ड ट्रायसायकल, सामान्य ट्रायसायकल, व्हीलचेयर, डिजिटल श्रवण यंत्र, वॉकिंग स्टिक, एडजस्टेबल स्टिक, स्लेट केन, सुगम्य केन, ब्रेल किट, स्मार्टफोन, स्क्रीन रीडिंग सॉफ्टवेयर, सीपी व्हीलचेयर और विभिन्न प्रकार के क्रच सहित अन्य सहायक उपकरण दिए गए।
हितग्राहियों का चिन्हांकन पहले आयोजित जिला स्तरीय शिविर में किया गया था। उपकरण एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया के सहयोग से उपलब्ध कराए गए। कार्यक्रम में अमृता मालाकार, पुष्पा नायक, ईश्वर चौहान और विशाल नागवंशी को यूडीआईडी प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।
उपकरण मिलने से आसान हुआ आवागमन
ग्राम सेमरा निवासी टेकचंद मालाकार ने बताया कि ट्रायसायकल नहीं होने के कारण उन्हें आने-जाने और पढ़ाई के लिए पिता पर निर्भर रहना पड़ता था। अब ट्रायसायकल मिलने से वह स्वयं आसानी से आवागमन कर सकेंगे। उन्होंने शासन-प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार जताया।
पुसौर विकासखंड के छिछोर उमरिया की आंगनबाड़ी सहायिका सुनीता शंकर ने बताया कि उन्हें पहली बार ट्रायसायकल मिली है। इससे काम के सिलसिले में आने-जाने में काफी सुविधा होगी। उन्होंने ट्रायसायकल मिलने पर खुशी जताई और शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में नगर निगम सभापति डिग्रीलाल साहू, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पार्षद, गणमान्य नागरिक, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, एलिम्को एवं एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक और दिव्यांग हितग्राही मौजूद रहे।