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रायपुर, 22 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों को आवश्यक सेवाएं, सुविधाएं और शासकीय योजनाओं का लाभ सहज एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में दुर्ग और उत्तर बस्तर कांकेर जिले में आयोजित मूल्यांकन एवं चिन्हांकन शिविरों के माध्यम से दिव्यांगजनों को विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं से जोड़ा गया।
दुर्ग जिले के जनपद पंचायत धमधा स्थित अंबेडकर भवन में आयोजित शिविर में दिव्यांगजनों का आवश्यक मूल्यांकन एवं चिन्हांकन किया गया। पात्र हितग्राहियों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं और सहायक उपकरणों का लाभ दिलाने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की गई। साथ ही विभागीय योजनाओं की जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।
उत्तर बस्तर कांकेर जिले में कोयलीबेड़ा, पखांजूर और बांदे जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंचे दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर कई आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर में मेडिकल प्रमाण पत्र और यूडीआईडी (UDID) कार्ड बनाने की प्रक्रिया की गई। इसके अलावा राशन कार्ड, बस पास और पेंशन योजनाओं से संबंधित जानकारी एवं आवश्यक कार्यवाही भी की गई।
शिविर के दौरान 6 दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, ट्राइसाइकिल और बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल जैसे सहायक उपकरण वितरित किए गए। आवश्यक उपकरण मिलने से हितग्राहियों को दैनिक गतिविधियों में सुविधा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने में सहायता मिली। सुविधाएं प्राप्त करने वाले हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार जताया।
सेवा की कहानी
इन शिविरों की विशेषता यह रही कि दिव्यांगजनों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय मूल्यांकन, चिन्हांकन, मेडिकल प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड, पेंशन संबंधी कार्यवाही और सहायक उपकरण जैसी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं। इस तरह की पहल से योजनाओं तक पहुंच आसान बनाने और दिव्यांगजनों को सम्मानपूर्वक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में सहायता मिलती है।