Samachar Cafe
Breaking
🔴 Loktantra Bachao Padyatra Raipur : सांसद बृजमोहन अग्रवाल का कांग्रेस पर तीखा हमला, कहा- जब-जब लोकतंत्र पर संकट आएगा, भाजपा का कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर लड़ेगा 🔴 उत्तर विधानसभा में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान को मिली व्यापक मजबूती, विधायक पुरन्दर मिश्रा के नेतृत्व में निकली विशाल महारैली 🔴 CG Job Recruitment 2026 : दिवाली से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा तोहफा, छत्तीसगढ़ में 1,703 पदों पर बंपर भर्ती; जानें पूरी डिटेल 🔴 Dhanteras 2026 Yam Deepak Significance : धनतेरस पर क्यों जलाया जाता है यमराज के नाम का दीपक? जानिए सही समय, दिशा और विधि 🔴 Pranjal Singh Folk Art Contribution : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ी लोककलाकार प्रांजल सिंह को भेजी ‘विष्णु की पाती’, भरथरी और लोकगायन के संरक्षण को सराहा 🔴 Kawardha Solar Success Story : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कवर्धा के किसान ओंकार साहू को भेजा दीपावली का संदेश, सूर्य घर योजना से शून्य हुआ बिजली बिल 🔴 Dantewada to USA Success Story : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अमेरिका में बसे दंतेवाड़ा के गणेश कुमार कर को लिखा स्नेह पत्र, छत्तीसगढ़ी संस्कृति को विदेशों में सहेजने की सराहना 🔴 Chhattisgarh NeVA Training : डिजिटल और पेपरलेस विधानसभा की ओर छत्तीसगढ़ का बड़ा कदम, राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन पर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न 🔴 Krshak Unnati Yojana 2026 : छत्तीसगढ़ में कृषक उन्नति योजना खरीफ-2026 की अनुदान वितरण प्रक्रिया होगी पारदर्शी, मुख्य सचिव ने दिए कड़े निर्देश 🔴 Karam Parab Mahotsav : करम परब हमारी समृद्ध संस्कृति और प्रकृति के प्रति आस्था का जीवंत प्रतीक, सीएम विष्णु देव साय ने ग्राम बनगांव में की पूजा-अर्चना 🔴 Loktantra Bachao Padyatra Raipur : सांसद बृजमोहन अग्रवाल का कांग्रेस पर तीखा हमला, कहा- जब-जब लोकतंत्र पर संकट आएगा, भाजपा का कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर लड़ेगा 🔴 उत्तर विधानसभा में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान को मिली व्यापक मजबूती, विधायक पुरन्दर मिश्रा के नेतृत्व में निकली विशाल महारैली 🔴 CG Job Recruitment 2026 : दिवाली से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा तोहफा, छत्तीसगढ़ में 1,703 पदों पर बंपर भर्ती; जानें पूरी डिटेल 🔴 Dhanteras 2026 Yam Deepak Significance : धनतेरस पर क्यों जलाया जाता है यमराज के नाम का दीपक? जानिए सही समय, दिशा और विधि 🔴 Pranjal Singh Folk Art Contribution : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ी लोककलाकार प्रांजल सिंह को भेजी ‘विष्णु की पाती’, भरथरी और लोकगायन के संरक्षण को सराहा 🔴 Kawardha Solar Success Story : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कवर्धा के किसान ओंकार साहू को भेजा दीपावली का संदेश, सूर्य घर योजना से शून्य हुआ बिजली बिल 🔴 Dantewada to USA Success Story : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अमेरिका में बसे दंतेवाड़ा के गणेश कुमार कर को लिखा स्नेह पत्र, छत्तीसगढ़ी संस्कृति को विदेशों में सहेजने की सराहना 🔴 Chhattisgarh NeVA Training : डिजिटल और पेपरलेस विधानसभा की ओर छत्तीसगढ़ का बड़ा कदम, राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन पर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न 🔴 Krshak Unnati Yojana 2026 : छत्तीसगढ़ में कृषक उन्नति योजना खरीफ-2026 की अनुदान वितरण प्रक्रिया होगी पारदर्शी, मुख्य सचिव ने दिए कड़े निर्देश 🔴 Karam Parab Mahotsav : करम परब हमारी समृद्ध संस्कृति और प्रकृति के प्रति आस्था का जीवंत प्रतीक, सीएम विष्णु देव साय ने ग्राम बनगांव में की पूजा-अर्चना

Search News

अपनी पसंद की खबर खोजें

बड़ी ख़बर छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल राजनीति जनता जनार्दन अपराध देश-विदेश खेल-मनोरंजन अन्य Video
होम अन्य Dhanteras 2026 Yam Deepak Significance : धनतेरस पर क्यों जलाया जाता...
Dhanteras 2026 Yam Deepak Significance : धनतेरस पर क्यों जलाया जाता है यमराज के नाम का दीपक? जानिए सही समय, दिशा और विधि
अन्य

Dhanteras 2026 Yam Deepak Significance : धनतेरस पर क्यों जलाया जाता है यमराज के नाम का दीपक? जानिए सही समय, दिशा और विधि

Samachar Cafe Desk 06 November 2026
Share :

6 नवंबर 2026। ​दिवाली के पांच दिवसीय महापर्व की शुरुआत धनतेरस के दिन से हो जाती है। इस दिन जहां एक तरफ भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देवता की पूजा का विधान है, वहीं शाम के समय यमराज के निमित्त दीपक जलाने की भी बेहद प्राचीन परंपरा है। इसे 'यम दीपक' (Yam Deepak) कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन यमराज के लिए दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और परिवार पर आने वाली विपत्तियां टलती हैं।

​यम का दीपक जलाने की सही विधि और नियम

  • ​साफ-सुथरा दीया: यमराज के लिए हमेशा आटे का चौमुखी (चार मुख वाला) दीपक बनाना चाहिए। यदि आटे का दीया संभव न हो, तो नया मिट्टी का दीपक भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • ​सरसों का तेल: इस दीपक में गाय के घी का नहीं, बल्कि सरसों के तेल का प्रयोग किया जाता है। साथ ही इसमें चार बत्तियां जलाई जाती हैं।
  • ​दीपक जलाने का समय: यम का दीपक हमेशा प्रदोष काल में या रात्रि के समय, जब घर के सभी सदस्य भोजन कर लें, तब निकाला जाता है।

​किस दिशा में और कहां रखें दीपक?

​धार्मिक नियमों के अनुसार, यम का दीपक जलाते समय दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए:

  • ​दिशा: दीपक की लौ हमेशा दक्षिण दिशा की ओर होनी चाहिए, क्योंकि दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा माना जाता है।
  • ​स्थान: इस दीपक को आमतौर पर घर के मुख्य द्वार के बाहर या कचरे/कूड़े के ढेर के पास रखा जाता है। कई लोग इसे घर के दक्षिण कोने में भी प्रज्वलित करते हैं।

​यम दीपक जलाने का धार्मिक महत्व

​पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार यमराज से उनके दूतों ने पूछा कि क्या कभी किसी की अकाल मृत्यु पर आपको भी दया आती है? इस पर यमराज ने कथा सुनाई कि जिस घर में धनतेरस की शाम को यम के नाम का दीपक जलाया जाता है, वहां के लोगों की अकाल मृत्यु का संकट टल जाता है। तभी से यह परंपरा चली आ रही है कि परिवार की लंबी उम्र और आरोग्यता के लिए धनतेरस की रात मुख्य द्वार पर यमराज का दीपक जरूर प्रज्वलित किया जाता है।