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रायपुर, 10 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में हाथियों की गतिविधियों से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याएं जानने के लिए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने उदयपुर विकासखंड के मरडीह, फुंगी और कुरमंतपारा गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर हाथियों के कारण हुए नुकसान और उनकी परेशानियों की जानकारी ली। मंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों, एसडीएम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मरडीह, फुंगी और कुरमंतपारा में नुकसान का लिया जायजा
दौरे के दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल ने हाथी प्रभावित गांवों में ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों से उत्पन्न परिस्थितियों तथा ग्रामीणों को हो रही परेशानियों की जानकारी ली। साथ ही अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान और अब तक की गई राहत संबंधी कार्रवाई के बारे में चर्चा की। मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को राहत प्राप्त करने के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और नुकसान का आकलन प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
प्रभावित परिवारों को जल्द मुआवजा देने के निर्देश
मंत्री राजेश अग्रवाल ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि हाथियों के कारण हुए नुकसान का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ आकलन किया जाए। प्रभावित परिवारों के मामलों में आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी कर नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को समय पर राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि राहत देने में अनावश्यक देरी न हो।
ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: मंत्री राजेश अग्रवाल
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हाथी प्रभावित क्षेत्र में नुकसान की जानकारी मिलने के बाद वे स्वयं ग्रामीणों के बीच पहुंचे हैं, ताकि उनकी समस्याओं को समझकर राहत संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को नुकसान का शीघ्र आकलन कर प्रभावित परिवारों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाना और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मंत्री ने यह भी कहा कि हाथियों की गतिविधियों वाले क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन आपसी समन्वय से काम करें तथा संभावित खतरों को कम करने के लिए विशेष सतर्कता बरतें, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
ग्रामीणों से सतर्क रहने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील
मंत्री ने हाथी प्रभावित गांवों के ग्रामीणों से अपील की कि हाथियों की मौजूदगी के दौरान सावधानी बरतें और किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं। ग्रामीण अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें तथा वन विभाग की ओर से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। हाथियों की गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचित करें।
उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों की जागरूकता, सतर्कता और प्रशासन के साथ समन्वय से संभावित खतरों को कम किया जा सकता है। मंत्री ने प्रभावित ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शासन और प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान तथा नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित गांवों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और सुरक्षा एवं राहत से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। दौरे के दौरान वन विभाग के अधिकारी, एसडीएम, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।