Samachar Cafe
Breaking
🔴 GST Reform: छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय जीएसटी लॉ कमेटी में जगह, तकनीकी नवाचारों की भी हुई सराहना 🔴 Karma Festival 2026: करमा तिहार में CM विष्णु देव साय की बड़ी घोषणाएं, सामाजिक भवनों के लिए 90 लाख और महोत्सव हेतु 10 लाख रुपये 🔴 Cyber Awareness Campaign: छत्तीसगढ़ में साइबर जागरूकता अभियान से 1.70 करोड़ लोग जुड़े, ट्रैफिक हैकाथॉन के विजेताओं का सम्मान 🔴 Dongargarh Double Murder: डोंगरगढ़ के चौथना गांव में मां-बेटे की हत्या, बेटी गंभीर रूप से घायल 🔴 Balod Water Crisis: पेयजल की मांग पर तीन दिन से प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को पुलिस ने हटाया, गांव में नाराजगी 🔴 Sugarcane Farmers Relief: छत्तीसगढ़ में गन्ना खरीदी का बढ़ा दाम, अब ₹425 प्रति क्विंटल मिलेगा भाव 🔴 Road Accident: ट्रैक्टर से टकराई कार, छुट्टी पर घर आए आरक्षक समेत दो की मौत; तीसरा गंभीर 🔴 Murder News: बीरबीरा गांव में बुजुर्ग दंपती की हत्या, दो दिन बाद घर में मिले शव 🔴 उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश पर एक्शन में पीडब्ल्यूडी, सड़कों की मरम्मत युद्धस्तर पर शुरू 🔴 Surguja Elephant Alert: हाथी प्रभावित गांवों में पहुंचे मंत्री राजेश अग्रवाल, नुकसान का आकलन कर जल्द मुआवजा देने के निर्देश 🔴 GST Reform: छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय जीएसटी लॉ कमेटी में जगह, तकनीकी नवाचारों की भी हुई सराहना 🔴 Karma Festival 2026: करमा तिहार में CM विष्णु देव साय की बड़ी घोषणाएं, सामाजिक भवनों के लिए 90 लाख और महोत्सव हेतु 10 लाख रुपये 🔴 Cyber Awareness Campaign: छत्तीसगढ़ में साइबर जागरूकता अभियान से 1.70 करोड़ लोग जुड़े, ट्रैफिक हैकाथॉन के विजेताओं का सम्मान 🔴 Dongargarh Double Murder: डोंगरगढ़ के चौथना गांव में मां-बेटे की हत्या, बेटी गंभीर रूप से घायल 🔴 Balod Water Crisis: पेयजल की मांग पर तीन दिन से प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को पुलिस ने हटाया, गांव में नाराजगी 🔴 Sugarcane Farmers Relief: छत्तीसगढ़ में गन्ना खरीदी का बढ़ा दाम, अब ₹425 प्रति क्विंटल मिलेगा भाव 🔴 Road Accident: ट्रैक्टर से टकराई कार, छुट्टी पर घर आए आरक्षक समेत दो की मौत; तीसरा गंभीर 🔴 Murder News: बीरबीरा गांव में बुजुर्ग दंपती की हत्या, दो दिन बाद घर में मिले शव 🔴 उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश पर एक्शन में पीडब्ल्यूडी, सड़कों की मरम्मत युद्धस्तर पर शुरू 🔴 Surguja Elephant Alert: हाथी प्रभावित गांवों में पहुंचे मंत्री राजेश अग्रवाल, नुकसान का आकलन कर जल्द मुआवजा देने के निर्देश

Search News

अपनी पसंद की खबर खोजें

बड़ी ख़बर छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल राजनीति जनता जनार्दन अपराध देश-विदेश खेल-मनोरंजन अन्य Video
होम खेल-मनोरंजन Chhattisgarh Sports News: नवा रायपुर में खुलेगी पुलेला गोपीचंद की ब...
Chhattisgarh Sports News: नवा रायपुर में खुलेगी पुलेला गोपीचंद की बैडमिंटन अकादमी, खेल विकास के लिए 100 करोड़ का बजट
खेल-मनोरंजन

Chhattisgarh Sports News: नवा रायपुर में खुलेगी पुलेला गोपीचंद की बैडमिंटन अकादमी, खेल विकास के लिए 100 करोड़ का बजट

Samachar Cafe Desk 10 October 2026
Share :

रायपुर, 10 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को आधुनिक सुविधाएं और विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में नवा रायपुर में नई बैडमिंटन अकादमी शुरू करने की पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के जोरा में सेंध लेक सिटी और इलेशियम क्लब्स की साझेदारी घोषणा एवं अनुबंध हस्ताक्षर समारोह में कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने नवा रायपुर में प्रस्तावित विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स क्लब का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूती मिलेगी। पद्म भूषण से सम्मानित बैडमिंटन खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक पुलेला गोपीचंद के मार्गदर्शन में शुरू होने वाली अकादमी से स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों में निवेश युवा पीढ़ी और प्रदेश के भविष्य में निवेश है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार खेल अधोसंरचना के विस्तार, प्रशिक्षण सुविधाओं के विकास और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने क्लब के संस्थापकों और पूरी टीम को बधाई देते हुए पुलेला गोपीचंद का छत्तीसगढ़ में स्वागत किया। उन्होंने भारतीय बैडमिंटन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में गोपीचंद के योगदान का भी उल्लेख किया।

बस्तर ओलंपिक में खिलाड़ियों की संख्या बढ़कर 3.91 लाख हुई

मुख्यमंत्री ने बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने का माध्यम बन रहा है। पहले वर्ष में लगभग 1.65 लाख खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जबकि दूसरे वर्ष यह संख्या बढ़कर करीब 3.91 लाख हो गई। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी बस्तर में खेलों के प्रति उत्साह को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि बस्तर के युवा खेल, शिक्षा, कौशल और रोजगार के जरिए अपना भविष्य संवारने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ गांवों के खिलाड़ियों को भी बड़े शहरों के खिलाड़ियों की तरह प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर मिलें।

मुख्यमंत्री ने खेलो इंडिया के अंतर्गत राष्ट्रीय जनजातीय खेलों के आयोजन का भी उल्लेख किया। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य संजू देवी की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां खेलों में अपनी प्रतिभा से पहचान बना रही हैं।

खेल विकास के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि राज्य सरकार ने खेलों के समग्र विकास के लिए इस वर्ष के बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। केंद्र की खेलो इंडिया सहित विभिन्न योजनाओं के समन्वय से प्रदेश में आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को संसाधनों की कमी के कारण पीछे नहीं रहना चाहिए। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में खेल और विकास के नए अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण विकास प्रभावित हुआ। उन्होंने सुरक्षा बलों के जवानों के साहस और बलिदान के साथ स्थानीय लोगों के सहयोग का उल्लेख किया। उनके अनुसार, अब प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, खेल और रोजगार से जुड़ी संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुशासन और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है। खेलों को भी युवाओं को सकारात्मक अवसरों से जोड़ने और उनकी क्षमताओं को आगे बढ़ाने के माध्यम के रूप में देखा जा रहा है।

2047 तक 75 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2047 तक अपनी अर्थव्यवस्था को 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ आधुनिक तकनीक, उद्योग, सेवा क्षेत्र और मानव संसाधन के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक नीति को निवेशकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। हाल के सिंगापुर दौरे के दौरान डेटा सेंटर और कृषि प्रसंस्करण सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को लेकर चर्चा हुई। करीब 15 बड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ में उद्योग और व्यवसाय स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, निवेश से प्रदेश में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

तकनीक और सुशासन से सेवाओं को सरल बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए काम कर रही है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना और मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करना इसी दिशा के कदम हैं। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवाओं के डिजिटलीकरण से प्रक्रियाओं को अधिक सरल, सुगम और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओम प्रकाश चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खनिज और भारी उद्योगों के अलावा सेवा क्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और आधुनिक शहरी अधोसंरचना का भी विस्तार हो रहा है। उन्होंने नवा रायपुर को इन नई संभावनाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में रेखांकित किया।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी और नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों की स्थापना की दिशा में काम हो रहा है। वहीं आईआईटी, आईआईएम, एम्स और सीपेट जैसे संस्थान युवाओं को शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में पुलेला गोपीचंद की बैडमिंटन अकादमी शुरू होने से प्रदेश के खिलाड़ियों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर इकाई की स्थापना की दिशा में चल रहे प्रयासों तथा ‘अंजोर’ विजन दस्तावेज का भी उल्लेख किया।

पुलेला गोपीचंद ने खेल और स्वास्थ्य पर दिया जोर

पद्म भूषण से सम्मानित पुलेला गोपीचंद ने छत्तीसगढ़ में स्वागत के लिए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने नवा रायपुर के विकास और इलेशियम क्लब्स की पहल की सराहना करते हुए इसे खेल, स्वास्थ्य और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

गोपीचंद ने कहा कि पिछले दस से बारह वर्षों में देश में खेलों के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय खिलाड़ियों की सफलता और तिरंगे का सम्मान देशवासियों में गौरव और आत्मविश्वास बढ़ाता है।

उन्होंने बच्चों की शिक्षा के साथ उनके शारीरिक विकास पर भी ध्यान देने की आवश्यकता बताई। बच्चों को दौड़ने, कूदने और विभिन्न खेल गतिविधियों में हिस्सा लेने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उनके अनुसार, खेलों में निवेश केवल खिलाड़ी तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वासी समाज के निर्माण में भी योगदान देता है।

कार्यक्रम में प्रह्लाद राय अग्रवाल, दीपचंद राजलीवाल, पवित्र कुमार, डॉ. हिमांशु द्विवेदी सहित अन्य अतिथि और नागरिक उपस्थित रहे।