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रायपुर, 6 अक्टूबर 2026। अपना घर हर परिवार के लिए सिर्फ चार दीवारें नहीं, बल्कि सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य की उम्मीद होता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने और आम परिवारों के घर के सपने को साकार करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की आवासीय परियोजनाओं को बेहतर कनेक्टिविटी और जरूरी सुविधाओं से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
इन्हीं प्रयासों के तहत रायपुर के समीप नरदहा में हितग्राही रागिनी के परिवार को अपना घर मिला है। वर्षों से स्थायी आशियाने की चाह रखने वाली रागिनी के लिए यह घर सिर्फ एक संपत्ति नहीं, बल्कि परिवार के सुरक्षित और बेहतर भविष्य की नई शुरुआत है। अपने घर का सपना पूरा होने से परिवार में खुशी का माहौल है।
हाउसिंग बोर्ड की पहल से पूरा हुआ अपना घर का सपना
रागिनी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अपना घर होना उनका सपना था, जिसे छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की पहल ने पूरा किया। उन्होंने कहा कि आज अपना घर होने की खुशी और संतुष्टि को शब्दों में बताना मुश्किल है।
उन्होंने बताया कि नरदहा स्थित आवासीय परियोजना की लोकेशन उनके परिवार के लिए सुविधाजनक है। रायपुर से बेहतर कनेक्टिविटी के साथ आसपास एजुकेशन हब, स्कूल और कॉलेज उपलब्ध हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई के लिहाज से भी यह स्थान उपयोगी है। इसके अलावा अच्छा सामाजिक वातावरण और आवश्यक सुविधाएं यहां रहने के अनुभव को बेहतर बनाती हैं।
घर के साथ परिवार को मिला स्थायित्व का भरोसा
रागिनी के लिए नए घर की खुशी इसलिए भी खास है क्योंकि अब परिवार के पास भविष्य के लिए अपना स्थायी ठिकाना है। बच्चों की शिक्षा के लिए अनुकूल वातावरण, रायपुर तक आसान पहुंच और आसपास जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता ने इस नए आशियाने को परिवार के लिए और खास बना दिया है।
रागिनी ने कहा कि वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार और हाउसिंग बोर्ड की पहल उनके जैसे हितग्राहियों के घर के सपने को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने अपना आशियाना पाने का अवसर देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार और हाउसिंग बोर्ड के प्रति आभार जताया।
आवास के साथ कनेक्टिविटी और सुविधाओं पर भी जोर
राज्य सरकार की आवासीय योजनाओं के तहत प्रयास किया जा रहा है कि नागरिकों को सिर्फ मकान उपलब्ध कराने तक ही सीमित न रखा जाए, बल्कि आवासीय परियोजनाओं में बेहतर कनेक्टिविटी, शिक्षा और रोजमर्रा की आवश्यक सुविधाओं तक सहज पहुंच का भी ध्यान रखा जाए।
नरदहा की रागिनी की कहानी इसी पहल के मानवीय पक्ष को सामने लाती है। अपना घर मिलने से उनके परिवार को एक छत के साथ सुरक्षा और स्थायित्व मिला है। साथ ही बच्चों के बेहतर भविष्य को लेकर नई उम्मीद भी जगी है। नए आशियाने की चाबी के साथ रागिनी के परिवार के जीवन में खुशियों का नया अध्याय शुरू हुआ है।