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Chhattisgarh Politics रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के संयुक्त बयान के बाद आयोग में मतभेद और चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर स्थिति स्पष्ट हो गई है। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी से देश और संवैधानिक संस्थाओं से माफी मांगने की मांग की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों के संयुक्त बयान में स्पष्ट किया गया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सहित प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए। उन्होंने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। साय ने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट का भी जिक्र करते हुए कहा कि उसमें जिस पत्र का उल्लेख किया गया है, वह न तो SIR से संबंधित था और न ही किसी नीतिगत विषय से। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग राष्ट्रपति के प्रति संवैधानिक रूप से जवाबदेह संस्था है और आयोग से जुड़े विषयों पर तथ्यात्मक स्थिति को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों पर न्यायिक स्तर पर भी सुनवाई हो चुकी है।
EVM और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस पर निशाना
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनाव परिणामों के बाद अलग-अलग समय पर EVM और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के निर्वाचित सांसद और विधायक भी इसी चुनाव प्रक्रिया के जरिए चुने गए हैं। साय ने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि चुनाव प्रक्रिया पर ही संदेह है तो उसके जरिए चुने गए जनप्रतिनिधियों को भी इस विषय पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने और हारने के आधार पर चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को अलग-अलग तरीके से नहीं देखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं के संबंध में लगातार आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह के बयानों से लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
राहुल गांधी के पुराने बयानों का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के पूर्व में EVM, न्यायपालिका, जांच एजेंसियों और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर दिए गए बयानों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और संस्थाओं को लेकर जनता के सामने तथ्यात्मक चर्चा होनी चाहिए।
पत्रकार वार्ता के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज और प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही मौजूद रहे।