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Raipur Footpath Crisis: 99 हजार से ज्यादा लोग रोज पैदल सफर को मजबूर, सड़क पर सुरक्षा का सवाल
छत्तीसगढ़

Raipur Footpath Crisis: 99 हजार से ज्यादा लोग रोज पैदल सफर को मजबूर, सड़क पर सुरक्षा का सवाल

Samachar Cafe Desk 07 October 2026
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रायपुर। राजधानी रायपुर में रोजाना हजारों लोग पैदल सफर करते हैं, लेकिन कई प्रमुख मार्गों पर उनके लिए सुरक्षित फुटपाथ की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों के बीच पैदल यात्रियों को चलना पड़ता है, जिससे हादसे का खतरा लगातार बना रहता है। छह साल पुराने एक सरकारी सर्वे में शहर के सिर्फ तीन प्रमुख हिस्सों में ही प्रतिदिन 99,249 पैदल यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई थी।

सर्वे के मुताबिक रेलवे स्टेशन से फाफाडीह के बीच 38,234, शास्त्री चौक में 35,920 और आंबेडकर अस्पताल चौक में 25,095 लोग रोज पैदल आवागमन करते थे। इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर के प्रमुख हिस्सों में पैदल यात्रियों की संख्या कितनी अधिक है। इसके बावजूद कई स्थानों पर पैदल चलने वालों के लिए सड़क से अलग सुरक्षित स्थान की कमी बनी हुई है।

रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों को सामान के साथ सड़क किनारे पैदल चलना पड़ता है। इसी तरह आंबेडकर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी वाहनों के बीच से रास्ता तलाशना पड़ता है। शास्त्री चौक जैसे व्यस्त इलाके में भी बड़ी संख्या में लोग पैदल आते-जाते हैं, लेकिन सड़क का बड़ा हिस्सा वाहनों की आवाजाही के लिए इस्तेमाल होता है।

शहर में लगातार बढ़ती यातायात व्यवस्था और वाहनों की संख्या के बीच पैदल यात्रियों की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा बनती जा रही है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और सामान लेकर चलने वाले यात्रियों के लिए फुटपाथ की कमी परेशानी बढ़ाती है। सुरक्षित फुटपाथ और पैदल मार्ग नहीं होने से लोगों को सड़क पर ही वाहनों के साथ चलना पड़ता है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद चुनौती बरकरार

पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी समय-समय पर दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद रायपुर के कई व्यस्त हिस्सों में फुटपाथ की स्थिति और पैदल यात्रियों की सुरक्षा का सवाल बना हुआ है।

रायपुर की सड़कें आधुनिक और व्यस्त होती जा रही हैं, लेकिन पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना अभी भी बड़ी चुनौती है। शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ पैदल यात्रियों के लिए निरंतर और बाधारहित फुटपाथ उपलब्ध कराना भी जरूरी है, ताकि रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों को तेज रफ्तार वाहनों के बीच चलने के लिए मजबूर न होना पड़े।