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Raipur City Management, 9 अक्टूबर 2026। राजधानी रायपुर में यातायात व्यवस्था, स्वच्छता, महिला सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार की जाएगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने जयस्तंभ चौक स्थित मल्टी लेवल पार्किंग के तीसरे माले में संचालित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) वार रूम का निरीक्षण किया। इसके बाद संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर शहर के समग्र विकास और बेहतर प्रबंधन से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की। उन्होंने आईटीएमएस वार रूम को सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस के रूप में विकसित करने तथा तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर नागरिक सुविधाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए।
प्रमुख मार्गों पर यातायात के दबाव का होगा आकलन
बैठक में शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की संख्या, यातायात के दबाव और सड़कों की क्षमता का आकलन करने पर जोर दिया गया। नियमित निरीक्षण के माध्यम से यातायात संबंधी समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
इसके लिए ट्रैफिक पुलिस, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) और नगर निगम की संयुक्त टीम बनाकर समन्वित कार्रवाई करने पर चर्चा हुई। अधिकारियों को यातायात व्यवस्था सुधारने के साथ नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने वाली गतिविधियां बढ़ाने पर भी ध्यान देने को कहा गया।
सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने शहर के प्रमुख मार्गों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और कचरे के उचित प्रबंधन पर जोर दिया।
आईटीएमएस की निगरानी व्यवस्था के माध्यम से गंदगी वाले स्थानों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और स्वच्छता व्यवस्था की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इसके साथ ही नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने, सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने और स्वच्छ व्यवहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई गई।
महिला सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियां होंगी मजबूत
बैठक में महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने और आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उपायों पर भी चर्चा हुई। आईटीएमएस के माध्यम से उपलब्ध निगरानी व्यवस्था और तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर शहर की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की संभावनाओं पर विचार किया गया।
प्रमुख सचिव ने आपदा प्रबंधन के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करने पर जोर दिया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय पर कार्रवाई की जा सके।
अवैध खुदाई और निर्माण पर रखी जाएगी नजर
शहर में अवैध खुदाई और अवैध निर्माण की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर भी चर्चा की गई। निर्माण स्थलों पर निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे कार्यों पर रोक लगाने के लिए संबंधित विभागों को समन्वित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इसका उद्देश्य निर्माण गतिविधियों के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली असुविधाओं तथा संभावित दुर्घटनाओं को रोकना है।
नागरिकों में सिविक सेंस विकसित करने पर जोर
प्रमुख सचिव ने यातायात नियमों के पालन, सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण और शहर की व्यवस्थाओं के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी बढ़ाने के लिए जनजागरूकता गतिविधियों पर जोर दिया। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस, आरटीओ और नगर निगम की संयुक्त भागीदारी से अभियान चलाने की दिशा में काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शहर का प्रबंधन बेहतर बनाने के लिए तकनीकी संसाधनों और विभागीय समन्वय के साथ नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। आईटीएमएस वार रूम के माध्यम से निगरानी, समस्याओं की पहचान और संबंधित विभागों के बीच समन्वय को अधिक प्रभावी बनाने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
निरीक्षण और बैठक के दौरान नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल, रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य, डीसीपी अर्चना सिंह, एसीपी ट्रैफिक स्नेहिल साहू, संयुक्त संचालक एस.के. सुंदरानी, अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू, उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील अग्रहरि और अधीक्षण अभियंता प्रदीप यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।